My thinking
Thursday, 21 August 2014
Prem
प्रेम
ही जीवन की नैया
प्रेम
ही भवसागर का खिवैया
प्रेम
से ही ईश्वर मिले
प्रेम
से यह संसार खिले
इसीलिए सबसे
प्रेम
करो
फूलो फलो और
मस्त
रहो
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment